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Indore News: इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर में बनेगा मेडिकल हब, पीएम मोदी के विजन को साकार करने की तैयारी शुरू
Sat, 09 May 2026 06:46 AM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Sat, 09 May 2026 06:46 AM IST
Indore News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पांच रीजनल मेडिकल हब बनाने की योजना के तहत इंदौर-उज्जैन को एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने विशेषज्ञों के साथ बैठक कर कई विषयों पर चर्चा की।
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बैठक को संबोधित करते संभाग आयुक्त।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के भीतर पांच विशेष रीजनल मेडिकल हब स्थापित करने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू हो गया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को इंदौर संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य योजना को धरातल पर उतारने के लिए चिकित्सा विशेषज्ञों और विभिन्न क्षेत्रों के स्टेकहोल्डर्स से सुझाव प्राप्त करना था। बैठक में बताया गया कि मध्य प्रदेश में रीजनल मेडिकल हब के विकास के लिए उज्जैन-इंदौर कॉरिडोर को सबसे उपयुक्त स्थान माना गया है।
बैठक के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि प्रस्तावित हब को क्वालिटी ऑफ केयर और क्रेडिबिलिटी के मानकों के साथ स्थापित किया जाए। संभागायुक्त ने स्पष्ट किया कि शासन को प्रोजेक्ट भेजने से पहले लघु और दीर्घकालिक स्तर पर ठोस तैयारियां सुनिश्चित की जाएं। बैठक में एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक हिमांशु प्रजापति और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
वैश्विक वैलनेस डेस्टिनेशन के रूप में उभरता भारत
संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने बैठक में चर्चा के दौरान कहा कि भारत वर्तमान में चिकित्सा के क्षेत्र में एक वैश्विक वैलनेस डेस्टिनेशन के रूप में पहचान बना रहा है। उन्होंने विशेषज्ञों को सुझाव दिया कि इंदौर को अन्य शहरों की तुलना में कुछ विशिष्ट सुविधाएं प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। बैठक में वर्तमान अस्पतालों के विशेष पैकेजेस और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विस्तार से चर्चा हुई। योजना के पहले चरण के तहत अस्पतालों द्वारा दिए जा रहे उपचारों और उनके शुल्क की सूची तैयार की जाएगी। इसके साथ ही सभी सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए एक विशेष पोर्टल का निर्माण और एसओपी तैयार करने पर सहमति बनी है। स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने के लिए होम्योपैथी और आयुर्वेद का कॉम्बो सेटअप तैयार करने का भी विचार रखा गया है।
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उज्जैन-इंदौर कॉरिडोर में बेहतर कनेक्टिविटी
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के अनुसार मध्य प्रदेश में रीजनल मेडिकल हब के विकास के लिए उज्जैन-इंदौर कॉरिडोर को सबसे उपयुक्त स्थान माना गया है। बैठक में बताया गया कि इस क्षेत्र की भौगोलिक और सांस्कृतिक स्थिति इसे मेडिकल टूरिज्म के लिए आदर्श बनाती है। एक तरफ उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर और दूसरी तरफ ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के कारण यहां देश-विदेश से भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। इंदौर का उन्नत इंफ्रास्ट्रक्चर, हवाई और रेल कनेक्टिविटी, बड़े अस्पतालों की मौजूदगी और एयर एम्बुलेंस की सुविधा इसे रीजनल मेडिकल हब बनाने के लिए सशक्त दावेदार बनाती है। भारत की मेडिकल टूरिज्म इंडेक्स में बेहतर स्थिति को देखते हुए इस हब के निर्माण से स्वास्थ्य सुविधाओं में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है।
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बैठक के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि प्रस्तावित हब को क्वालिटी ऑफ केयर और क्रेडिबिलिटी के मानकों के साथ स्थापित किया जाए। संभागायुक्त ने स्पष्ट किया कि शासन को प्रोजेक्ट भेजने से पहले लघु और दीर्घकालिक स्तर पर ठोस तैयारियां सुनिश्चित की जाएं। बैठक में एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक हिमांशु प्रजापति और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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वैश्विक वैलनेस डेस्टिनेशन के रूप में उभरता भारत
संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने बैठक में चर्चा के दौरान कहा कि भारत वर्तमान में चिकित्सा के क्षेत्र में एक वैश्विक वैलनेस डेस्टिनेशन के रूप में पहचान बना रहा है। उन्होंने विशेषज्ञों को सुझाव दिया कि इंदौर को अन्य शहरों की तुलना में कुछ विशिष्ट सुविधाएं प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। बैठक में वर्तमान अस्पतालों के विशेष पैकेजेस और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विस्तार से चर्चा हुई। योजना के पहले चरण के तहत अस्पतालों द्वारा दिए जा रहे उपचारों और उनके शुल्क की सूची तैयार की जाएगी। इसके साथ ही सभी सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए एक विशेष पोर्टल का निर्माण और एसओपी तैयार करने पर सहमति बनी है। स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने के लिए होम्योपैथी और आयुर्वेद का कॉम्बो सेटअप तैयार करने का भी विचार रखा गया है।
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उज्जैन-इंदौर कॉरिडोर में बेहतर कनेक्टिविटी
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के अनुसार मध्य प्रदेश में रीजनल मेडिकल हब के विकास के लिए उज्जैन-इंदौर कॉरिडोर को सबसे उपयुक्त स्थान माना गया है। बैठक में बताया गया कि इस क्षेत्र की भौगोलिक और सांस्कृतिक स्थिति इसे मेडिकल टूरिज्म के लिए आदर्श बनाती है। एक तरफ उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर और दूसरी तरफ ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के कारण यहां देश-विदेश से भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। इंदौर का उन्नत इंफ्रास्ट्रक्चर, हवाई और रेल कनेक्टिविटी, बड़े अस्पतालों की मौजूदगी और एयर एम्बुलेंस की सुविधा इसे रीजनल मेडिकल हब बनाने के लिए सशक्त दावेदार बनाती है। भारत की मेडिकल टूरिज्म इंडेक्स में बेहतर स्थिति को देखते हुए इस हब के निर्माण से स्वास्थ्य सुविधाओं में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है।
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