MP Assembly Session: समान नागरिक संहिता विधेयक पर कल होगी चर्चा, कांग्रेस का आरोप बिना बताए लाए बिल
Madhya Pradesh Assembly Monsoon Session Live Updates in Hindi: मध्यप्रदेश विधानसभा के 11वें सत्र का आज पहला दिन रहा। सदन में सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पेश किया। इस पर कल चर्चा होगी। विधेयक का कांग्रेस ने विरोध किया है। कांग्रेस विधायकों का कहना है कि बिल के बारे में सरकार ने जानकारी नहीं दी थी।
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कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना का सदन में संबोधन
सदन को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष की बात से सहमत नहीं हूं। खाद, बीज सब है। पर्याप्त स्टॉक है। उमंग सिंघार ने कहा - यह तो मैंने कहा कि आंकड़ों में है। किसानों के पास नहीं। कृषि मंत्री ने कहा - ई टोकन के कारण अब लाइन नहीं लगती। पहले किसानों की लाइन में अन्य लोगों को घुसा देते थे। पत्थरबाजी करते थे। यह करता है विपक्ष। विपक्ष जगह बताए हम वहां भी खाद बीज सब देंगे। लोकतंत्र के इस मंदिर में झूठ नहीं बोलना चाहिए। खाद नहीं रहा, बीज नहीं, बिजली नहीं, तो प्रदेश को सात सात बार कैसे कृषि कर्मण अवार्ड मिला। निगरानी के लिए समिति बनाएंगे।
देश आजाद हुए कई साल हो गए। 50 साल राज किया कांग्रेस ने। आपके समय से कई गुना हो गया सिंचाई का रकबा। 100 लाख हेक्टेयर करेंगे प्रदेश में सिंचाई का रकबा। आप गलत जानकारी देते हैं इसलिए विपक्ष में बैठे हैं। यहां हमारी ओर आने की कोशिश नहीं कर पाओगे। किसान का अपमान और जवान का अपमान करता है विपक्ष। विपक्ष ने कहा सेना जवान का अपमान किस मंत्री ने किया, किसके मंत्री ने किया..आपको आपकी स्क्रिप्ट किसने लिख कर दी..गजब कर गए।
यूसीसी में मुसलमानों को भी मिले छूट - आतिफ अकील
राज्य विधानसभा में पेश किए गए UCC बिल 2026 पर कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने कहा कि बाबासाहेब और संविधान ने हम सभी को आजादी दी है। चूंकि वह आजादी मौजूद है, इसलिए जिस तरह ST समुदाय को UCC से छूट दी गई थी, उसी तरह मुसलमानों को भी छूट मिलनी चाहिए।
कागजो में खाद, जमीन और किसानों के पास खाद नहीं : सिंघार
उमंग सिंघार ने कहा कि झगड़ा दो नेताओं का है। इसलिए किसान पिस रहा है। एक का नाम केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान हैं। फाइल पर फाइल चल रही है, लेकिन काम नहीं होता। प्रदेश सरकार के पास पैसा नहीं है। केंद्र में शिवराज हैं, नहीं मिलेगा पैसा। कई किसान पढ़े-लिखे नहीं हैं। टोकन नहीं मिलता। आज कल नया सिस्टम कर दिया सरकार ने। सर्वर डाउन है। बड़े व्यापारी, कालाबाजारी करने वालों के लिए सिस्टम है। खाद नहीं लेकिन OTP जरूर मिलता है। कृषि मंत्री प्रदेश में कहते हैं वेट कीजिए। गजब के कृषि मंत्री हैं। क्या फसल डाउन सर्व के सुधरने का इंतजार करें???
पंचायत में ही खाद क्यों नहीं देते। पंचायत में खाद देने से कुछ कालाबाजारी बंद होगी। मांग के अनुरूप बीज ही नहीं दिया। 13% कम दिया गया। हर जिलो में किसानों को बीज के लिए क्यों तैयार नहीं करते। इसके लिए योजना होनी चाहिए। इससे केंद्र सरकार पर निर्भर नहीं रहेगी सरकार। लाइव ट्रैकिंग सिस्टम क्यों नहीं अपनाती सरकार। एक एक बोरी, एक एक ट्रक, एक एक खाद की बोरी की लाइव ट्रैकिंग हो सकती है, लेकिन कालाबाजारी को बंद करने नहीं हो रहा इस सिस्टम पर अमल। सरकार खुद नहीं चाहती कालाबाजारी बंद हो। ब्लैक में बेचना चाहते हैं खाद-बीज। ई टोकन व्यवस्था को तत्काल खत्म हो। जवाबदारी तय नहीं होती। जांच होती है, लेकिन कार्रवाई नहीं। जांच रिपोर्ट तक नहीं। सिस्टम की जवाबदारी तय करना होगा। यह विपक्ष नहीं जनता की आवाज है। सोयाबीन, मूंग के किसान, गेहूं के तारीख बढ़ाई, किसान का वोट लेना है..लेकिन उनके आंसू नहीं पोछ पाएंगे।
कांग्रेस विधायक ने सदन में लगाये जय जवान, जय किसान के नारे
कांग्रेस विधायक महेश परमार ने सदन में लगाये जय जवान, जय किसान के नारे। परमार ने कहा कि जब सरकार बनाने कि बात होती है तो एमएसपी देने की बात होती है। खाद मांगते हैं तो टोकन लागू कर देते हैं। परमार ने कहा कि किसानों का भला करना है तो उनको खाद और बीज उपलब्ध कराना होगा। बिजली उपलब्ध करनी होगी। फसल की सही कीमत देनी होगी। फसल और सब्जी के दाम बढ़ाने होंगे। बीमा में भी लूट चल रही है। पैसे देने वालों को मुआवजा मिल रहा है।शहर काजी की मौजूदगी को लेकर भाजपा विधायक की प्रकिया
मध्य प्रदेश विधानसभा में शहर काजी की मौजूदगी को लेकर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि "सदन में सभी को आने का अधिकार है। विधानसभा में कानून लागू होता है, शहर काजी के घर में कानून लागू नहीं होता।"रामेश्वर शर्मा ने कहा कि जनजातीय समाज को लेकर शहर काजी और कांग्रेस को किसी प्रकार की आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि "हलाला करोगे तो काजी हो या कोई भी, उसे जेल जाना पड़ेगा। कानून का पालन करना ही होगा। यदि कानून का पालन नहीं करेंगे तो बाबा साहब का डंडा कानून का पालन कराएगा।"
गौरतलब है कि शहर काजी ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) के दायरे से मुसलमानों को बाहर रखने की मांग को लेकर विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात की थी। इसी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए रामेश्वर शर्मा ने यह बयान दिया।
भोपाल शहर काजी पहुंचे विधानसभा
भोपाल शहर काजी विधानसभा पहुंचे। उन्होंंने UCC बिल को लेकर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और विधायक आतिफ अकील भी मौजूद रहे। काजी ने UCC से मुस्लिमों को बाहर रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि आदिवासियों की तरह मुस्लिमों को भी बाहर रखा जाए। यूसीसी बिल का प्रस्ताव रखने के बाद उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात की।
किराए पर जमीन लेकर खेती करने वालों को भी मिले मुआवजा
बुरहानपुर से भाजपा विधायक अर्चना चिटनीस ने सदन में कहा कि सिकमी, बटाई या फिर किराए पर भूमि लेकर फसल उगने वाले किसानों को सरकारी मुआवजा क्षतिपूर्ति का लाभ नहीं मिलता। नियमों के तहत कृषि भूमि मालिक को ही मुआवजा मिलता है। क्षतिपूर्ति एवं अन्य योजनाओं का लाभ.. नियमों में संशोधन की आवश्यकता.. कई किसान किराए पर कृषि भूमि लेकर करते हैं खेती। उन्हें मुआवजे और क्षतिपूर्ति की आवश्यकता है। सरकार संशोधन कर ऐसी किसानों पर भी ध्यान दे। बड़ी संख्या में मध्य प्रदेश में किराए पर भूमि लेकर कृषि करने वाले किसान रहते हैं।
किसानों के मुद्दे पर सदन में चर्चा
सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हो गई है। नियम 139 के तहत किसानों को खरीफ फसल के लिए खाद बीज नहीं मिलने एवं अल्पवर्षा से उत्पन्न स्थिति पर सदन में चर्चा शुरू हो रही है। कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि किसानों को लेकर सरकार उपलब्धियां गिनाती है लेकिन वास्तविक स्थिति अलग है। शहर का मास्टर प्लान बनते हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्र का मास्टर प्लान कहां है। हर साल किसान अनाज का उत्पादन करता है लेकिन गोदामों की स्थिति क्या है ? इस पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह पुरानी टेप है। इस कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि सरकार सुन नहीं रही है इसलिए पुरानी टेप बार-बार सुनना पड़ रहा है।दोपहर तीन बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित
विधानसभा अध्यक्ष ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार के उज्जैन जमीन मामले को लेकर चर्चा के लिए लाये गए स्थगन प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने कहा कि यह मामला अभी का है। अभी भी जमीन खरीदी जा रही है। इस बीच सदन में हंगामा शुरू हो गया। विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही दोपहर तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी।विधेयकों पर कांग्रेस सदस्यों ने जताई आपत्ति
सांसदी कार्य मंत्री कैलाश विजयावर्गी ने कहा कि संशोधित कार्य सूची का प्रावधान पहले से है। अभी सदन के पटल पर विधेयक रखे गए हैं। इनकी प्रति आपको उपलब्ध कराई जाएंगी। सभी को चर्चा के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।
