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Sawan 2026: 'सावन' पर कहे गए चुनिंदा शेर

उर्दू अदब
                
                                                         
                            वो तिरे नसीब की बारिशें किसी और छत पे बरस गईं
                                                                 
                            
दिल-ए-बे-ख़बर मिरी बात सुन उसे भूल जा उसे भूल जा
~ अमजद इस्लाम अमजद

मैं चुप कराता हूँ हर शब उमडती बारिश को
मगर ये रोज़ गई बात छेड़ देती है
~ गुलज़ार आगे पढ़ें

2 महीने पहले

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