उरूज़ से जब,वो ज़वाल पर आये।
तब कहीं, वो मेरे सवाल पर आये।।
गुफ्तगू से, हल हो जाते ये मसाले।
हां कुछ तंज़ मेरे मलाल पर आये।।
-यूनुस खान
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