यक़ीनन, यहीं कहीं पर होगा।
मेरा घर, इसी ज़मीं पर होगा।।
वो दाता मुझे भी ज़रूर देगा।
ये फ़ैसला मेरे यकीं पर होगा।।
-यूनुस खान
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X