तूने ही तो,हस्ब-ए-हालात ढाला मुझको।
मैं तो गिर रहा था, तूने संभाला मुझको।।
एक मुद्दत से क़ैद-बाम-ओ-दर था मैं तो।
क्यूं तूने इस क़ैद से यूं निकाला मुझको।।
-यूनुस खान
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