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मगर यूं ही, ना बनकर खार जिया जाये।।

                
                                                         
                            ये कौन कहता है , कि प्यार किया जाये।
                                                                 
                            
मगर यूं ही, ना बनकर खार जिया जाये।।

ख़ामोशी की चादर में, यूं लिपट जाते हैं।
हर हाल में , अपने लबों को सिया जाये।।
-यूनुस खान
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12 घंटे पहले

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