चलो मिलकर कोई रास्ता निकाल लेते हैं।
हम खुद को, हस्ब-ए-हालात ढाल लेते हैं।।
कुरबतों को फांसलों में न तब्दील होने दें।
बात जो बिगड़ गयी , उसे संभाल लेते हैं।।
-यूनुस खान
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