एक माचिस की तीली से
जलता है मंदिर का दीया
एक माचिस की तीली से
महकती हैं अगरबत्तियां
एक माचिस की तीली से
कभी कभार राख में तब्दील हो जाता है जंगल
जंगल जिसकी लकड़ियों से
बनती हैं माचिस की तीलियां।
-जयंत शाह
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