वह जो इतना ज़रूरी है, तब मुसाफ़िर में हौसला भी ज़रूरी है ,
तुम जब जाओगी, मैं राहों में रहूंगा इसलिए फासला भी ज़रूरी है,
मयूख में कहां इतना हुनर कि इक-इक ज़र्रा रोशन करें,
इसलिए आशिक हो, इश्क़ हो और सुर्खियां मिलना भी जरूरी हैं।
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