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इश्क़ की आज़माइश

                
                                                         
                            थमती कहाँ है मोहब्बत किसी दौर में,
                                                                 
                            
बस इश्क़ की आज़माइश ज़ोरदार होनी चाहिए।

फ़ासले चाहे जितने भी बढ़ जाएँ दरमियाँ,
दिल में मिलने की चाहत बेशुमार होनी चाहिए।

ज़माना लाख कोशिश करे राहें जुदा करने की,
मगर इश्क़ में जीतने की ज़िद बरक़रार होनी चाहिए।

राहों में चाहे कितनी भी मुश्किलें आएँ,
हर कदम पर चाहत और भी शानदार होनी चाहिए।

वक़्त चाहे ले ले इम्तिहान हज़ार बार,
मगर दिल में वफ़ा हर बार दमदार होनी चाहिए।

मोहब्बत सिर्फ़ लफ़्ज़ों से नहीं निभती जनाब,
रूह तक उतर जाए—ऐसी वफ़ा बेशुमार होनी चाहिए।
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2 दिन पहले

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