भारत तपोभूमि ,
माटी में विश्व गुरु,
वेदव्यास ने रची महाभारत,
चार वेद स्तंभ भारतीय संस्कृति के,
गुरु पूर्णिमा पर जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनाएं,
गुरु अज्ञान के गर्त से निकाल,
ज्ञान का प्रकाश प्रज्वलित करता
एक सुसंस्कृत समाज को आकार देता,
भगवान राम को भी पथ प्रदर्शन के लिए गुरु वशिष्ठ के आश्रम में विद्या ग्रहण करने जाना पड़ा,
भगवान कृष्ण के गुरु गुरु संदीपनी,
कौरव,पांडव के गुरु गुरु द्रोणाचार्य,
कर्ण के गुरु गुरु परशुराम,
गुरु गुरुकुल में अनुशासन ,
विनम्रता, सदभाव का पाठ पढ़ाते,
समाज के उत्थान से जोड़ते,
रावण दसों दिशाओं के ज्ञाता,
गुरु गुरु शुक्राचार्य
गुरु का हृदय से आदर करना,
आशीर्वाद से धन्य होता जीवन,
स्मृति कलश से निकली अमृतमय शिक्षिकाएं,
हिंदी, गणित,अंग्रेजी की नींव डाली,
शिक्षा के लिए प्रेरित करना वाले भैया भाभी भी गुरु से कम नहीं,
आज उच्च शिक्षा का महत्व,
घर, घर डॉक्टर,इंजीनियर, MBA,
उच्च पदों पर आसीन,
गढ़ता गुरु,
कोचिंग सेंटर में आई आई टी,नीट,
यूपीएससी की परीक्षा के लिए जुड़ते,
खान सर कम शुल्क में जरूरत मंद को पढ़ाते सब्जी वाला,दूध वाला,ऑटो वाला,किसान,घर में काम वाली बाईयां ऑफिसर बनने
का स्वप्न साकार ,
बिन गुरु के समाज ढोर गंवार।
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