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प्यार का इजहार

                
                                                         
                            मोहब्बत इजहार की मोहताज नहीं होती,
                                                                 
                            
खामोश निगाहें भी बयां कर जाती है I
दिल की धड़कनो में किसी का नाम बस जाए,
तो हर साँस उसकी दास्तां कह जाती है II

उसकी हर मुस्कान में फूल खिलते है,
उसके हर खयाल में भौंरे गुनगुनाते है I
घटाएं मोड़ लेती है अपना रास्ता ,
बादल खुद बरसने लग जाते है II

मैने हर ख्वाब में उसको ही पाया है,
न जाने कब वो मेरी चाहत में समा गई I
बिन इजहार किए भी उसको बसाया दिल में,
पर न जाने कब वो मेरी जिंदगी बन गई II

बस एक बार नजर मिला कर तो देख ले,
हर मुश्किल ए हालात में वादा निभाऊंगा I
अगर इजहार ए इश्क में सच्चाई नजर आए ,
तो मैं ताउम्र उसका ही होकर रह जाऊंगा II

आज बेइंतहा मोहब्बत का इजहार कर रहा हूं,
वरना कारवां बिन प्यार में ऐसे ही गुजर जाएगा I
विमल अपने दिल का राज ए बयाँ कैसे करे ,
गर इनकार हुआ तो गम फसाना बन जायेगा ।।
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3 महीने पहले

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