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गीत सुने और कोशिश की उनको

                
                                                         
                            घर से निकला जब भी मैं दूर कहीं जाने को,
                                                                 
                            
रोक लिया..
प्रेम गीत, सुनने और सुनाने को,

गीत सुने और कोशिश की उनको
फिर से दोहराने की,
डूबा ऐसा शून्य हुआ में
तड़पा,
प्रेम बचाने को,

लाज बचाई
प्रेम निभाया
और
भूल गया मैं तन मन
फिर तुमसे ही दिल
लगाने को
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एक घंटा पहले

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