मत पूछ मेरा कारोबार क्या है
मोहब्बत की छोटी सी दुकान है।
नफ़रत के बाज़ार में।
काग़ज पे तो अदालतें चलती है।
हमने तो तुम्हारी आँखो के फैसले।
मंजूर किये हैं।
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