राष्ट्रीय खेल दिवस है हमारे लिए बेहद ख़ास,
ये खेल दिवस नहीं, ये खेलो का पर्व है, जनाब,
मेजर ध्यानचंद को याद कर करते है नमन , साहब,
हॉकी के जादू से बना लिया सबको अपना कायल,
ये भारत देश की शान है, अभिमान है, जहान है,
अपनी कड़ी मेहनत का देश की प्रति बलिदान है,
राष्ट्रीय खेल दिवस भारत का मान ही नहीं,
भारत के धरोवर की पहचान है।
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