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कर्म किए जा सच्चे मन से, मत सोच परिणाम पर डर!

                
                                                         
                            डर को दिल से दूर भगाकर, मेहनत का तू दीप जला,
                                                                 
                            
सपनों के इस नभ को छूने, नया हौसला मन में ला।
रात-रात भर जाग के तूने, ज्ञान का जो मोती पाया,
आज परीक्षा बनकर देखो, तेरा भाग्य तुम्हें आजमाया।

कलम तुम्हारी तलवार बनेगी, हर उत्तर हथियार सही,
लिख दो अपनी मेहनत से तुम, वह गाथा जो अनकही।
न घबराना देख प्रश्न को, तू है खुद में सबसे खास,
जीत तुम्हारी पक्की होगी, रख ले मन में अटूट विश्वास।

सफलता चूमेगी पद तेरे, बस खुद पर तू अभिमान न कर,
कर्म किए जा सच्चे मन से, मत सोच परिणाम पर डर!
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4 घंटे पहले

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