वह पहली नजर याद है मुझे
जो आंखों से दिल में समाई थी
जिंदगी रास आई थी मुझे
हर साज दिल को भाई थी
यौवन पर कुछ और निखार आया था
तुम तो अपने थे मगर हर चीज पराई थी
हर गम मुझे मंजूर था
मगर ना गवारा जुदाई की
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