मैं सबका प्यारा कुल्लड़
मैं सबका प्यारा, सबका दुलारा कुल्लड़ हूं जनाब,
मुझे बड़े प्यार से कुम्हार जी ने है बनाया, और
हम सब तक पहुँचाया,
मेरी सोंधी सोंधी खुशबू से
चाय महक जाती,
मेरे अंदर जब दही है जमाते,
तब दही भी अपने रूप को देख शरमा जाती,
ओर तो ओर,
मेरा उपयोग होता आईसक्रीम जमाने में,
तब आईसक्रीम की मिठास ,
सबको अपनी तरफ खींच लाती,
मैं सबके मन में छिपी एक अभिलाषा हूं साहब।
- आकांक्षा गुप्ता
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