तू एक ग़ज़ल है प्यार की तू खुदा की बंदगी है
तू साहिल है तमन्नाओं का तू रूह की तिशनगी है
मुकम्मल है तेरी सादगी से तेरे हुस्न का मयार
तेरे दीदार की सौगात ही बस जिंदगी है
-अनुपमा शर्मा
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