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वह परिवार और आपस की कहा सुनी।

                
                                                         
                            ये सफर छुट जाएगा,
                                                                 
                            
जिंदगी का तराना टूट जाएगा,
रह जाएंगी गलियाँ वो सुनी,
वह परिवार और आपस की कहा सुनी।
घर जिसे सजाया था बड़े अरमान से,
वह चौखट भी छुट जाएगा,
अपनों का साथ छुट जाएगा,
रह जाएंगी तो सिर्फ़ यादें,
और अपनों की जुबानी हमारी कहानी।
सिर्फ़ और सिर्फ़ कहानी।।
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6 घंटे पहले

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