जिंदगी के डगर में अंधेरों से कहां दुर भागोगे तुम ,
जिंदगी के डगर में उजालों में कितनी दूर भागोगे तुम,
छोटी सी जिंदगी में अपनों से कितनी दूर रहोगे तुम,
छोटी सी जिंदगी में किसी से वादा किया उसे कितनी दूर रखोगे तुम,
जिस जिंदगी के डगर में जिसे तुम सहारा बनोगे उससे कहां दूर भागोगे तुम,
जिस जिंदगी की डगर में जिसके तुम भविष्य हो उसे कितनी दूर भागोगे तुम,
इसी जिंदगी में ना चाहते हुए उसके साथ रहना होगा।
इसी जिंदगी में ना चाहते हुए उसकी अकेलेपन का दूर करना होगा।
चाहे जिंदगी किसी की हो तुम्हें अपनों के साथ रहना होगा चाहे
जिंदगी में दिन हो रात अपनों के साथ हमेशा रहना होगा
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