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हवाओं की गूँज

                
                                                         
                            आज मौसम में अजब गज़ब सी धुन थी,
                                                                 
                            
यह धुन हमारे गुनगुनाने की नहीं,
बल्कि, हवाओं की मस्ती में चलने की थी,
जो पेड़ के पत्तों से टकराकर आसमान को छूने की थी,
यह हवाओं की महक से सिर्फ पेड़ और पक्षी ही नहीं,
पुरा धरातल मस्ती में झूम रहा था,
ऐसा लग रहा हो मानो ,
आज हवाओं का अपना अलग ही,
गाना गुनगुनाने का मन हो,
यह गूंज सिर्फ हवाओं की नहीं,
बल्कि प्रकृति के सौंदर्य की असली जीत थी।
-आकांक्षा गुप्ता
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2 महीने पहले

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