आसमान के तारे जाने क्या चाहें
हमसे ज़ख़्म हमारे जाने क्या चाहें
आपकी याद ज़िन्दगी भर आई लेकिन
आप आप से हारे जाने क्या चाहें
जहां में सबसे सबके मुक़्कदर जीत गए
जिनको जंग पुकारे जाने क्या चाहें
जी भर के जी लेना यारों दुनिया में
मौत के बुझे नज़ारे जाने क्या चाहें
आसानी होती है ग़म को सहने में
वर्ना हम बेचारे जाने क्या चाहें
इश्क़ को इश्क़ बना रहना तो चाहिए ही
हुस्न और अंगारे जाने क्या चाहें
हम क्या हैं, जीने की तमन्ना, मौत का ख़ौफ़
उसपे यही सहारे जाने क्या चाहें
डर से होश का जो नाता है, अच्छा है
रात के ये अंधियारे जाने क्या चाहें
टूट - टूट कर मैं ने सीखा है जीना
मुझसे ख़्वाब तुम्हारे जाने क्या चाहें
सांसें कह दी हैं इस सुख़न को 'रंग' समझ
तेरी धड़कने प्यारे जाने क्या चाहें
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