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बहुत कुछ बाकी है...

                
                                                         
                            चरित्र निर्माण और नैतिक आचरण की राह में अभी बहुत कुछ बाकी है…
                                                                 
                            
क्योंकि जब तक संस्कार और सदाचार पूर्ण नहीं होते,
तब तक प्रभु की दी हुई ज़िंदगी भी अपनी पूर्ण सार्थकता नहीं पा सकती...
-संजय श्रीवास्तव
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16 घंटे पहले

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