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गुरुत्वाकर्षण का नियम उसको सुहाता ही नही।।

                
                                                         
                            अचानक मुँह से निकला दर्द है मगर दुख नही।
                                                                 
                            
मोहब्बत करके 'उपदेश' करीब ठहरता ही नही।।

प्यार को मजबूत विश्वास का हिस्सा बना तो लूँ।
खुदा रास्ता दिखाए तन्हा दिल बहलता ही नही।।

पैगाम मिल जाता इशारों में इश्क जवान हुआ।
वक्त निकाल कर आता जिस्म संभलता ही नही।।

हसरतें ख्वाब में पूरी कर कर के थक गया मन।
रूबरू होने का तरीका कुदरत बताता ही नही।।

एक स्थिर दूसरा गतिमान अपने रास्ते पर यहाँ।
गुरुत्वाकर्षण का नियम उसको सुहाता ही नही।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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3 घंटे पहले

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