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प्यार में दिया लिया

                
                                                         
                            देरी से समझे खुद को और उनको भी।
                                                                 
                            
प्यार में दिया लिया सब को उनको भी।।

तमन्ना पूरी करने की कोशिश में डूबे रहे।
मेरे जख्म भी भरे इलाज मिले उनको भी।।

वो दोस्त ही रहें या निभाए दुश्मनी मुझसे।
दुआ अपनों को दिल से आशीष उनको भी।।

औकात के हिसाब से सेवा का माध्यम बने।
तसव्वुर मिले मुझको खुशहाली उनको भी।।

अब कोई ख्वाब सजाना नही मुझे 'उपदेश'।
खुली हवा में साँस मिले मुझे भी उनको भी।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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17 घंटे पहले

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