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नसीब का खेल

                
                                                         
                            दाग बीमारी का धुलने का वक्त चल रहा।
                                                                 
                            
दुआ देते शुभचिंतकों का ताँता चल रहा।।

जो फालने से फालने से फालने से मिले।
खुदा के ख़ैर से दुआ का हुजूम चल रहा।।

तोहफे में हर किसी को बहुतेरे दोस्त मिले।
नसीब का खेल रहा वक्त माफ़िक चल रहा।।

ज़रूरत पर हाथ थामने वाले कई 'उपदेश'।
मोहब्बत करने वालो का सहारा चल रहा।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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50 मिनट पहले

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