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मनमीत का संग

                
                                                         
                            बुरे समय में अगर तुम टूट नही रहे।
                                                                 
                            
समझ लेना अंतरात्मा के साथ रहे।।

वक्त रहते बुरे लोग से तुम दूर हो गए।
मान लेना तुम बचाने वाले के संग रहे।।

तुम्हारा मन बेचैन होगा जब कभी अगर।
पहचानना आते हुए संकेत सतरंगे रहे।।

रास्ते खुद नही बनते बनाना पड़ता उन्हें।
तभी तुम हौसलों और उम्मीद के संग रहे।।

धीरे-धीरे अच्छा लगने लगेगा 'उपदेश'।
एक ही काफी अगर मनमीत के संग रहे।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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2 महीने पहले

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