सम्मुख खड़ा हो काल तो भी साथ मेरा दे
भगवान, एक सखा मुझे भी कर्ण जैसा दे
अपने रुधिर की बूँद सभी उस पे वार दूँ
मेरे लिए जो रक्त के संबंध गँवा दे
— त्रिशिका धरा
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