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हँसते हँसते फांसी पर

                
                                                         
                            जो वीर धरा पे
                                                                 
                            
इतिहास बन गए
झुके न तिरंगा
भारतमाता की जय
फांसी चढ़ गए,
आजादी के लिए
तन-मन सब समर्पण
भगत सुखदेव राजगुरू
तिरंगे को अमरता मिले
सबकी याद बन गए,
वैसे तो यहां भी
कम गाल न बजे
इतिहास में ही
अविश्वास सा रचे
सच बलिदानी कर गए,
अमर बलिदान दिवस
देश के भविष्य में आस
सीने पे गोली
न संकोच कोई
हंस-हंस चढ़ गए।
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2 दिन पहले

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