प्यासे सहरा में काश ऐसी बरसात होती,
मैं खो जाता कुछ इस कदर वो रात होती l
उसका नज़र-अंदाज करना मुझे मार जाता है,
वो मुस्कुरा कर देख लेता तो क्या बात होती हैl
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