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मैं फूल बनकर रह गया

                
                                                         
                            कांटो की गलियों में मैं फूल बनके रह गया,
                                                                 
                            
टूटा मैं इस कदर की मजबूर बनकर रह गया l

मिलती नहीं है कहीं भी मेरे दर्दे दिल की दवा,
मेरा हर एक जख्म अब नासूर बनकर रह गया l

मेरे अपने ही कहते हैं पागल मुझको,
जमाने के खातिर मैं फिजूल बनकर रह गया l
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2 महीने पहले

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