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हम मचले , जब मचले वो तब

                
                                                         
                            हम मचले , जब मचले वो तब,
                                                                 
                            
दिल को यह अहसास हुआ,
अलग अलग अनजाने में ही ,
दो पथिको का साथ हुआ II

दोनों समझे एक दूजे को,
चुपके चुपके बात हुई ,
आशाओं और उम्मीदों को कसने ,
छोटी छोटी मुलाकात हुई II

साझा हुई ख्वाइशे लेकिन ,
पंखों का अहसास भी था ,
दुःख न जाये दिल दूजे का ,
तन मन से इकरार हुआ II

युगलो ने अपने बाँटें सपने ,
यत्न हुए फिर करने अपने ,
सबकी सबसे बात हुई,
एक नई शुरूवात हुई II

परस्पर मिली संस्कृति , सभ्यताए ,
नए ऊर्जा का सूत्रपात हुआ ,
अलग अलग अनजाने में ही ,
दो पथिको का साथ हुआ II

 
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3 महीने पहले

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