आई राखी, आई राखी,
बहन आज फूली न समाती।
रेशम की राखी लेकर आई,
सुंदर सी फिर थाली सजाई।
कहती भैया जल्दी आओ,
झट से आके राखी बंधवाओ।
रक्षा करने का लेती वादा,
कहती सदा साथ निभाना।
भाई लाता बहन के लिए उपहार,
कहता सदा बनाएं रखना यह प्यार।
मुंह मीठा फिर एक दूजे का कराते,
दोनों मिलकर यह त्योहार मनाते
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X