आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

संघर्ष का सफ़र

                
                                                         
                            इसलिए ,
                                                                 
                            
अपने कर्तब्य पथ पर,
कभी रुकना नहीं - -
जीवन रूपी पथ पर,
कभी थकना नहीं - -
और ,
मुसीबत के आगे - -
कभी झुकना नहीं,
क्योंकि ?
जिंदगी का नाम ही - -
संघर्ष ही ,
और संघर्ष रूपी - -
सफ़र में ,
मेहनत से - -
कदम हटाना नहीं l

हौसला रखो ,
दिल के - -
किसी में ,
और -
उम्मीद का दामन,
कभी भी - -
किसी भी हालत,
छोड़ना नहीं l

सचमुच ,
सफ़र एक - -
इम्तिहान जैसा है ,
इसलिए - -
इसे ,
अधूरे रास्ते में ,
छोड़ना नहीं है l
-सुरेश कुमार झा 'अल्हर'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर