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हिन्दी है प्रिय सखी

                
                                                         
                            पढ़नी है हिन्दी
                                                                 
                            
लिखनी है हिंदी
हिन्दी हमारी
है प्रिय सखी
भारत की बिंदी
हिंद की जननी
हिन्दी हमारी
है प्रिय सखी
नव गति है
नव शक्ति है ये
सामर्थ्य भी है
समृद्धि है ये
नव चाल है
नव ढाल है ये
भारत की गरिमा
गर्वित भाल है ये
आजाद है ये
आवाज है ये
हिन्दी हमारी
अभिमान है ये
हम भारती की प्रतिमान है
नव शक्ति है ये
नव गान है ये
हिंदी हमारी
हिन्दी हमारी
हिन्दी हमारी
है प्रिय सखी...

~ सूरज चौबे
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2 घंटे पहले

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