गणपति बप्पा मंगलकारी, आओ मेरे द्वार।
रिद्धि-सिद्धि संग लेकर आओ, भर दो सुख अपार।
मूषक वाहन, मोदक प्रिय हैं, रूप तुम्हारा प्यारा।
विघ्न विनाशक नाम तुम्हारा, जग को लगे सहारा।
प्रथम पूज्य तुम देव हमारे, बुद्धि के भंडार।
शीश झुकाकर करें आराधन, सुन लो प्रभु पुकार।
मन-मंदिर में दीप जलाकर, तेरा ध्यान लगाएँ।
प्रेम-भक्ति से चरण पखारें, मंगल गीत सुनाएँ।
दूर करो सब विघ्न हमारे, जीवन हो खुशहाल।
तेरी कृपा से हर आँगन में, गूँजे सुख के ताल।
हे गणनायक, साथ रहो तुम, हर पल मेरे पास।
तेरे चरणों में मिल जाए, जीवन को विश्वास।
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