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ये माटी मेरे देश की

                
                                                         
                            रंग बिरंगी रंगों वाली
                                                                 
                            
ये माटी मेरे देश की,
ये माटी मेरे देश की
कहीं पे ठन्डी, कही है गर्म
कहीं पे सख्त , कही है नर्म
इसकी आन की खातिर जाने
मर मिटने को
अपनी हथेली ले जाते है खाली
रंग बिरंगी रंगों वाली
ये माटी मेरे देश की
ये माटी मेरे देश की !

होली, दीवाली , तीज , बैशाखी
फूलों के रगों की भान्ति
यहां खिलते है त्यौहार
बाटी जाए मिठाई
संग में दिलों का प्यार
मिठी मिठी वाणी से
सबका करते हम, सत्कार
संग में झूमें मेरे ,मेरी वो मतवाली
रंग बिरंगी रंगों वाली
ये माटी मेरे देश की
ये माटी मेरे देश की !

सुनील भी चाहे , इसी रंग मे
मेरी माटी भी मिल जाए
मेरा नाम भी, मेरी भारत माँ के
चरणों में लिखा जाए
हर साल इसकी चाहत में
15 अगस्त हो या 2 अक्टूबर
हो चाहे शहीदों की यादों में भारत माँ की,
धरती पर लगते है, जी मेले
इनकी चाहत सबके दिलों में बसने वाली
रंग बिरंगी रंगों वाली
ये माटी मेरे देश की
ये माटी मेरे देश की !


 
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2 महीने पहले

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