आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

किरदार नजरों का भी मायने रखता है

                
                                                         
                            किरदार नजरों का भी मायने रखता है
                                                                 
                            
इनकी अदाओं से दिल रूबरू भी हो सकता है

इश्क़ है या बेरुखी है दिल में
जुबानी से जियादा इनसे बयां हो सकता है

चाहो तो आजमा लो मगर
आजमाने से ऐतबार भी खो सकता है

दो जाँ मिले इसमें अश्कों का क्या कसूर
बरस दिये जुदाई पर अब क्या हो सकता है

थोड़ा और करीब लाओ इस दरिया को
दिल के घाव देख ये थोड़ा और रो सकता है

 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर