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लिखना चाहता हूं मैं सामने तुम रहो

                
                                                         
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लिखना चाहता हूं मैं सामने तुम रहो
कहने वाले हजारों मिलेंगे प्रिये
चाहने वाले न दिल से मिलेंगेंतुम्हें
दिल से चाहता हूं मैं मिल सको तो मिलो !!१

एक व्यथा को हृदय में बसा के चला
कहना चाहता हूं मैं उसव्यथा को तुम्हें
जिस व्यथा की दवातुम ही हो हे!प्रिये
कहना चाहता हूं मैं कुछ तुम्हें तुम सुनो!!२

चंद्र सी चांदनी कमल सी पंखुड़ी
स्वर्ग सी अप्सरा हो धरा में प्रिये||
मेघमाला से केश तुम्हारें प्रिये
प्रेम वर्षा कभी तो कराओं प्रिये||२
-सुमित जोशी
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2 महीने पहले

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