रात की तन्हाई में अगर सब चुप हैं, तो लोगों की ये खामोशी अच्छी है,
मगर चांद के मन की आवाज सुन, जब लहरों में हलचल उठती है,
तब वो तारों की टिमटिमाहट देख, धीरे से मुस्कुरा उठता है।
हमारी तन्हाई तो बस रात तक है, दिन में तो दिल खुद दुनिया का राजा होता है,
लोग न जाने क्यों हमें हर वक्त तन्हा समझ लेते हैं।
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