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समय देकर तो देखो

                
                                                         
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शायद सब कुछ ठीक हो जाए
पुराने-कड़वे रिश्तों में
शायद थोड़ी-सी मिठास भर आए।
दुश्मनी की मशालों में आग
शायद थोड़ी कम हो जाए।
भटके हुए मुसाफिरों को
राह कोई सही मिल जाए।
समय देकर तो देखो
शायद सब कुछ ठीक हो जाए।
ज़िन्दगी में आई मुश्किलों का
शायद कोई हल मिल जाए।
पीढ़ियों के बीच बनी है जो खाई
शायद वो भी आसानी से भर जाए।
टूटे हुए दिलों को भी
शायद कोई मरहम मिल जाए।
समय देकर तो देखो
शायद सब कुछ ठीक हो जाए।
- श्रीयांश गुप्ता
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15 घंटे पहले

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