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भोले, बस तुम साथ रहो

                
                                                         
                            भोले, बस तुम साथ रहो,
                                                                 
                            
हर पल मेरे पास रहो।
मन के सूने आँगन में,
बनकर मधुर प्रकाश रहो।

डमरू की जब धुन बजती,
हर उलझन फिर दूर सजती।
तेरे चरणों की जो राहें,
हर काँटा भी फूल-सी लगती।

जटा से गंगा झर-झर बहती,
भक्ति की हर प्यास ये कहती।
तेरी कृपा की एक नज़र हो,
सूनी किस्मत भी फिर हँसती।

नीलकंठ हो, करुणा-सागर,
तुमसे सुंदर कौन सहारा।
टूटे मन को जोड़ने वाले,
तुम ही जीवन का उजियारा।

भस्म रचे तन, चंद्र सुहाना,
नाम तुम्हारा सबसे न्यारा।
हर-हर बोले धड़कन मेरी,
शंभू गाए मन बेचारा।

जब भी दुःख की धूप सताए,
तेरी छाया पास ही आए।
एक पुकार सुनो भोलेनाथ,
भक्त कभी खाली न जाए।

ना धन माँगूँ, ना ही माया,
बस चरणों की शीतल छाया।
जब तक साँसें साथ निभाएँ,
ॐ नमः शिवाय ही गाय ।
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2 महीने पहले

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