एक ख़्वाब पलते देखा है,
उसे आँखों में चलते देखा है।
पलकों की गुस्ताख़ी से मैंने,
उसे पानी से जलते देखा है।
तेरी ज़ुल्फ़ों के झरोखों से मैंने,
इक तूफ़ान निकलते देखा है।
कहेगा ये जमाना क्या तुझको
मैंने इसको बदलते देखा है
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