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थोड़े से दिन और बचे हैं!!

                
                                                         
                            मेरा क्या है?
                                                                 
                            
थोड़े से दिन और बचे हैं,
कट जायेंगेl
जीवन की आपधापी मे
क्या कुछ खोया?
क्या मै पाया?
पर कोई अफ़सोस नहीं है!
अपना अच्छा समय बिताया,

अच्छे से ये मेरा मतलब कभी नहीं है,
ठाट बड़े थे,
और नहीं मेरा मतलब कि
आज्ञा मे कुछ लोग खड़े थे l
ले ले तुझको जो लेना है
खा ले तुझको जो खाना है
पढ़ ले तुझको जो पढ़ना है

वैसे तो औकात नहीं है
फिर भी कोई बात नहीं है
रह ले तुझे जहां रहना है l

तेरी खुशी ही मेरा सब है
बचा न जीवन मे कुछ अब है
फिर मै क्यूँ आँखे दिखलाऊं
बात बात मे तुझे चिढ़ाऊं

पर मै माँ की कोई उलझन सह ना पाया,
मन मे थी कुछ बात उसे भी कह ना पाया
दुखी हुआ परिवार उसे मै देख न पाया,
अपने से हो सका उसे भरपूर किया मै
जी सकता था जैसा जीवन खूब जिया मै,
पैसा जोड़ा नहीं,
नहीं कुछ महल बनाये,
जो भी था कुछ बना
उसे संभाल न पाये
वो भी सब बिक गया और नीलाम हो गया
जो था होना नहीं वही तब काम हो गया,
और सदा देखा उस अपने बृद्ध पिता को,
पाई पाई जोड़ समस्या हल करते थे,
नहीं हुआ उस दिवस
उसे वो कल करते थे,
दुविधा नहीं उन्हें कुछ थी उनके जीवन मे,
रखते सबका ध्यान उसी कठिन जीवन मे
संचय का उनके जीवन मे योग नहीं था
उम्र थी नब्बे साल मगर कोई रोग नहीं था,
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2 महीने पहले

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