साधक किस चिद्गिरि-शृङ्ग पर, अन्तःप्रज्ञा-निनाद?
मुमुक्षु किस ब्रह्मप्रभा में, निःशब्द दिव्य आह्वान?
भक्ति किस प्राणयज्ञ-ज्वाला का, ब्रह्मानुराग?
आराधना किस चिद्वेदी का, आत्मप्रसून-पराग?
आस्था किस ऋतदीप्त ध्रुवता का, शाश्वत दिव्य विधान?
निष्ठा किस ब्रह्मपद-पथ की, सत्याधिष्ठान?
मुक्ति किस आवरण-विसर्जन का, अद्वय चिद्-प्रकाश?
कैवल्य किस परब्रह्म-रस का, अखण्डानन्द-विलास?
-सनातन मुकुंद
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