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सोचने की बात

                
                                                         
                            दिल अपना नहीं
                                                                 
                            
जिस्म अपना नहीं
धन अपना नहीं
घर अपना नहीं
फिर घमंड क्यों अपना?
गुरूर क्यों अपना?
झूठ क्यों अपना?
फरेब क्यों अपना?
-शाहाना परवीन 'शान'... 
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6 दिन पहले

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