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शब्दों का एहसास

                
                                                         
                            मेरी कविताओं को
                                                                 
                            
मोड़ देने वाले,

मेरे शब्दों को
जोड़ने वाले…

मेरे हर कदम पर
साथ देने वाले,

मेरे लड़खड़ाए कदमों को
संभालने वाले—
हो तुम। 🤍

“शायद इसलिए…
मेरे हर एहसास में
बसते हो तुम…”
 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
7 hours ago

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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