आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

सेना है या सर्कस वाला

                
                                                         
                            India gate पर करतब दिखाये
                                                                 
                            
लाल किले पे सलामी
वर्दी में सजे जवान
नेता बजाये ताली
अरे भैया
सेना है या सर्कस वाला

हाथी चले घोड़ा दौड़े
ऊंट चले मतवाला
देखो कैसे लाल किले पर
मंच बना रंगशाला
अरे भैया
सेना है या सर्कस वाला

टोपी चमके जूते चमके
चमके मूँछ निराली
कैमरा आए सीना ताने
बन जाए तस्वीर निराली
अरे भैया
सेना है या सर्कस वाला

आगे आगे बैंड बजे
पीछे पूरी टोली
जनता बोले वाह वाह वाह वाह
नेता बोले ठोको ताली
अरे भैया
सेना है या सर्कस वाला

झंडा ऊंचा नारे ऊंचे
ऊंची नेता जी की बोली
आज दिखाया खूब तमाशा
कल फिर आएगी ये टोली
अरे भैया
सेना है या सर्कस वाला
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर